हैदराबाद। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) 12 और 13 जनवरी को पूरे शहर में मेगा ई-वेस्ट स्वच्छता अभियान चलाएगा। यह अभियान शहर के सभी 300 वार्डों में आयोजित किया जाएगा। जीएचएमसी आयुक्त आर.वी. कर्णन ने यह जानकारी दी। इस अभियान का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित प्रबंधन के महत्व को लेकर जनजागरूकता (public awareness) पैदा करना तथा आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक स्थलों से ई-वेस्ट का व्यवस्थित संग्रह और वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक कचरे का संग्रह किया जाएगा, जिनमें रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, टेलीविजन, बैटरियां, यूपीएस सिस्टम, पावर बैंक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।
प्रत्येक वार्ड में चिन्हित किए गए अस्थायी ई-वेस्ट संग्रह केंद्र
9 जनवरी से स्वच्छता कर्मचारी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाएं मिलकर नागरिकों को जिम्मेदार ई-वेस्ट निपटान के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चला रही हैं। जनता की सुविधा के लिए प्रत्येक वार्ड में अस्थायी ई-वेस्ट संग्रह केंद्र चिन्हित किए गए हैं। जीएचएमसी आयुक्त ने जोनल आयुक्तों, उप आयुक्तों और स्वच्छता अधिकारियों को अभियान के सफल आयोजन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। आयुक्त के निर्देशों के अनुसार, मेगा ई-वेस्ट स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए पूरे शहर में व्यापक प्रचार किया जा रहा है। सभी जोनों और सर्किलों में सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों के माध्यम से जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को इस अभियान और इसके महत्व की जानकारी दी जा रही है।
स्वच्छ भारत मिशन योजना क्या है?
देश में साफ-सफाई की आदतों को बढ़ावा देने और खुले में शौच की समस्या को खत्म करने के उद्देश्य से यह राष्ट्रीय स्तर की योजना शुरू की गई। इसके अंतर्गत घर-घर शौचालय निर्माण, ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, साफ सार्वजनिक स्थल और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता पर जोर दिया गया। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को शामिल करते हुए स्वास्थ्य, पर्यावरण और जीवन स्तर सुधारना इसका मुख्य लक्ष्य रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन क्या है?
भारत को स्वच्छ, स्वस्थ और खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए चलाया गया यह एक व्यापक अभियान है। इसके माध्यम से लोगों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन लाने का प्रयास किया गया। स्कूलों, पंचायतों, नगर निकायों और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी से इसे जन आंदोलन का रूप दिया गया। साफ-सफाई को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
स्वच्छ भारत मिशन के जनक कौन हैं?
इस अभियान की शुरुआत तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई थी। 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर इसे राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च किया गया। गांधीजी के स्वच्छता संबंधी विचारों से प्रेरणा लेकर इस मिशन को आगे बढ़ाया गया, ताकि देश में स्वच्छता को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जा सके।
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