तिरुमला। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार सुबह तिरुमला स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। श्रीवारी मंदिर पहुंचने पर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी वेंकैया चौधरी तथा मंदिर के पुजारियों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन करने के साथ-साथ वकुला माता, आनंद निलयम विमान वेंकटेश्वर, भाष्यकारला सन्निधि तथा योग नरसिंह स्वामी के भी दर्शन किए। पूजा-अर्चना के उपरांत रंगनायकुला मंडपम (Ranganayakula Mandapam) में वैदिक पंडितों ने उन्हें वेद आशीर्वचन प्रदान किया। बाद में टीटीडी के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को श्रीवारी प्रसाद भेंट किया। इस अवसर पर मंदिर के उप कार्यकारी अधिकारी लोकनाथम सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
राज्य की कुल जनसंख्या में लगभग 85 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म को मानते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां हिंदू समुदाय सबसे बड़ा धार्मिक समूह है। इसके अलावा मुस्लिम, ईसाई, सिख और अन्य धर्मों के लोग भी निवास करते हैं। हैदराबाद समेत कई शहरों में धार्मिक विविधता साफ दिखाई देती है। बोनालू, बथुकम्मा और दशहरा जैसे त्योहार बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं। मंदिरों और सांस्कृतिक परंपराओं का यहां के सामाजिक जीवन में विशेष महत्व माना जाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी धार्मिक आस्था काफी मजबूत है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
चावल यहां के लोगों का प्रमुख भोजन माना जाता है और इसे दाल, सांभर तथा सब्जियों के साथ खाया जाता है। मसालेदार स्वाद वाले व्यंजन इस क्षेत्र की खास पहचान हैं। हैदराबादी बिरयानी देशभर में प्रसिद्ध है और पर्यटकों को काफी आकर्षित करती है। इसके अलावा सरवा पिंडी, जोन्ना रोट्टे, सकिनालु और पचड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजन भी लोकप्रिय हैं। खाने में लाल मिर्च, इमली और देसी मसालों का अधिक उपयोग किया जाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में पारंपरिक स्वाद आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र को “त्रिलिंग देश” कहा जाता था। माना जाता है कि यह नाम तीन प्रमुख शिव मंदिरों — कालेश्वरम, श्रीशैलम और द्राक्षारामम — से जुड़ा हुआ है। समय के साथ यही शब्द बदलकर वर्तमान नाम बना। दक्षिण भारत की संस्कृति, भाषा और परंपराओं में इस क्षेत्र की अलग पहचान रही है। वर्ष 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर इसे नया राज्य बनाया गया। आईटी उद्योग, ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक उत्सवों के कारण यह देश के महत्वपूर्ण राज्यों में गिना जाता है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री किस जाति से हैं?
A. Revanth Reddy रेड्डी समुदाय से संबंध रखते हैं। दक्षिण भारत में यह समुदाय सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। लंबे समय से कई प्रमुख नेता इसी समाज से जुड़े रहे हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और बाद में राज्य स्तर पर बड़ी पहचान बनाई। वर्ष 2023 में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। तेज भाषण शैली और सक्रिय राजनीतिक रणनीति के कारण उनकी पहचान राज्य के प्रमुख नेताओं में की जाती है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :