IT Minister : स्वच्छ ऊर्जा में राष्ट्रीय मॉडल बनने की ओर तेलंगाना

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मंत्री श्रीधर बाबू ने बायो-गैस परियोजना का किया शिलान्यास

हैदराबाद/सिद्दीपेट। तेलंगाना सरकार स्वच्छ ऊर्जा (clean energy) के क्षेत्र में देश का मॉडल बनने की दिशा में काम कर रही है। आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने रविवार को सिद्दीपेट जिले के नरमेटा में 700 करोड़ रुपये की संपीड़ित बायो-गैस परियोजना के शिलान्यास समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को जोड़ते हुए एक संतुलित व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। यह परियोजना जूनो जूल बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही है, जिससे लगभग 1400 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार (Job) मिलेगा, जिनमें करीब 30 प्रतिशत महिलाएं होंगी। मंत्री ने बताया कि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत और रसोई गैस का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में बाहरी ऊर्जा पर निर्भरता कम करना जरूरी है, जिसमें स्वच्छ ऊर्जा की बड़ी भूमिका होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों को ऊर्जा उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही सरकार

उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को ऊर्जा उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है, ताकि हैदराबाद के बाहर भी औद्योगिक विकास हो और गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। मंत्री ने इसे बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि अब किसान केवल खाद्य उत्पादक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी बन सकते हैं। इस परियोजना में धान के भूसे, गोबर और पोल्ट्री अपशिष्ट का उपयोग कर बायो-गैस तैयार की जाएगी, जिससे कचरे को उपयोगी संसाधन में बदला जाएगा। यह परियोजना तीन चरणों में लागू होगी, जिसमें 10 संयंत्र स्थापित किए जाएंगे और प्रत्येक की क्षमता 100 टन प्रतिदिन होगी। मंत्री ने निवेशकों को तेलंगाना में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने का आह्वान करते हुए सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। इस मौके पर जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

स्वच्छ ऊर्जा से आप क्या समझते हैं?

ऐसी ऊर्जा को कहा जाता है, जो पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती और प्रदूषण बहुत कम या बिल्कुल नहीं करती। इसमें कार्बन उत्सर्जन कम होता है, जिससे जलवायु परिवर्तन पर भी कम प्रभाव पड़ता है। इस प्रकार की ऊर्जा प्रकृति से प्राप्त होती है और लंबे समय तक उपलब्ध रहती है। उदाहरण के तौर पर सौर, पवन और जल ऊर्जा शामिल हैं, जो सुरक्षित, टिकाऊ और भविष्य के लिए उपयोगी मानी जाती हैं।

तुरंत एनर्जी लाने के लिए क्या खाएं?

शरीर में तुरंत ऊर्जा बढ़ाने के लिए ऐसे खाद्य पदार्थ खाने चाहिए, जिनमें प्राकृतिक शर्करा और पोषक तत्व अधिक हों। जैसे केला, खजूर, शहद, गुड़ और सूखे मेवे तुरंत ऊर्जा देते हैं। इसके अलावा फल का जूस या नारियल पानी भी फायदेमंद होता है। ये चीजें जल्दी पचती हैं और शरीर को तुरंत ताकत प्रदान करती हैं, जिससे थकान कम होती है और काम करने की क्षमता बढ़ती है।

स्वच्छ ऊर्जा के स्रोत क्या हैं?

प्राकृतिक और नवीकरणीय स्रोतों से मिलने वाली ऊर्जा को स्वच्छ ऊर्जा कहा जाता है। इसके प्रमुख स्रोतों में सौर ऊर्जा (सूरज से), पवन ऊर्जा (हवा से), जल ऊर्जा (नदियों और बांधों से) और बायोमास ऊर्जा शामिल हैं। ये स्रोत पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और प्रदूषण कम करते हैं। इनका उपयोग बढ़ाने से जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटती है और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलती है।

ऊर्जा के 3 प्रकार कौन से हैं?

विज्ञान के अनुसार ऊर्जा के कई रूप होते हैं, लेकिन मुख्य तीन प्रकार अक्सर बताए जाते हैं—गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy), स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) और ऊष्मा ऊर्जा (Heat Energy)। गतिज ऊर्जा गति से जुड़ी होती है, स्थितिज ऊर्जा किसी वस्तु की स्थिति या अवस्था पर निर्भर करती है, जबकि ऊष्मा ऊर्जा ताप से संबंधित होती है। ये तीनों ऊर्जा के मूल रूप हैं, जो दैनिक जीवन और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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