हैदराबाद। तेलंगाना के कल्याण मंत्री अदलुरी लक्ष्मण कुमार (Adluri Laxman Kumar) ने कहा कि राज्य का व्यापक और दूरदर्शी कल्याणकारी मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन गया है। उन्होंने रविवार को चंडीगढ़ में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित चिंतन शिविर-2026 में यह बात कही। इस शिविर में देशभर के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और ट्रांसजेंडर समुदाय (Transgender Community) के विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
दलितों के उत्थान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
सभा को संबोधित करते हुए लक्ष्मण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना सरकार समानता, सशक्तिकरण और गरिमा पर आधारित शासन मॉडल को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण विभाग का नाम बदलकर अनुसूचित जाति विकास विभाग करना दलितों के उत्थान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का प्रमुख माध्यम मानते हुए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति पर 574.74 करोड़ रुपये खर्च कर 3.39 लाख छात्रों को लाभान्वित कर चुकी है, जबकि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति पर 66.31 करोड़ रुपये खर्च कर 73,666 छात्रों को लाभ मिला है।
564 छात्रों की सहायता के लिए 103.49 करोड़ रुपये खर्च किए गए
डॉ. बी.आर. अंबेडकर विदेश शिक्षा योजना के तहत 564 छात्रों की सहायता के लिए 103.49 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, टीजी एससी स्टडी सर्किलों पर 24.53 करोड़ रुपये खर्च कर 2,426 अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि अनुसूचित जाति छात्रावासों के लिए 628.42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे 2.26 लाख छात्रों को निःशुल्क आवास, भोजन और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। कल्याण लक्ष्मी योजना के तहत 47,539 लाभार्थियों को 476.15 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है, जिससे गरीब परिवारों पर विवाह का आर्थिक बोझ कम हुआ है। इसके अलावा 1,723 अंतरजातीय दंपतियों को 43.06 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है, जिससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिला है।
हैदराबाद में मुस्लिम आबादी कितनी है?
शहर में मुस्लिम आबादी काफी बड़ी और प्रभावशाली मानी जाती है। विभिन्न जनगणना और स्थानीय अनुमानों के अनुसार, शहर की कुल आबादी का लगभग 40 से 45 प्रतिशत हिस्सा मुस्लिम समुदाय से संबंधित है। पुराना शहर क्षेत्र में यह प्रतिशत और अधिक देखा जाता है। हैदराबाद की संस्कृति, खानपान, बाजार और ऐतिहासिक विरासत पर मुस्लिम समाज का गहरा प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
हैदराबाद क्या प्रसिद्ध है?
अपनी ऐतिहासिक इमारतों, स्वादिष्ट भोजन और आईटी उद्योग के लिए बहुत प्रसिद्ध है। चारमीनार, गोलकोंडा किला और सालारजंग संग्रहालय यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। हैदराबादी बिरयानी दुनिया भर में मशहूर है। इसे “सिटी ऑफ पर्ल्स” भी कहा जाता है क्योंकि यहां मोतियों का व्यापार प्रसिद्ध रहा है। आधुनिक तकनीकी कंपनियों के कारण इसे साइबर हब के रूप में भी पहचान मिली है।
हैदराबाद किस राज्य में है?
भारत के दक्षिणी भाग में स्थित एक प्रमुख महानगर है और यह तेलंगाना राज्य की राजधानी है। वर्ष 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद तेलंगाना एक नया राज्य बना, और हैदराबाद उसकी राजधानी घोषित हुआ। यह शहर शिक्षा, व्यापार, सूचना प्रौद्योगिकी और ऐतिहासिक धरोहर के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। दक्षिण भारत के सबसे विकसित शहरों में इसका विशेष स्थान है।
हैदराबाद में कौन सी भाषा बोली जाती है?
मुख्य रूप से तेलुगु, उर्दू और हिंदी बोली जाती हैं। तेलुगु राज्य की प्रमुख भाषा है, जबकि उर्दू का शहर की संस्कृति और इतिहास में विशेष महत्व है। पुराने शहर के क्षेत्रों में उर्दू अधिक सुनाई देती है। हिंदी भी व्यापार और दैनिक बातचीत में व्यापक रूप से उपयोग होती है। इसके अलावा अंग्रेजी का प्रयोग शिक्षा, आईटी कंपनियों और आधिकारिक कार्यों में सामान्य रूप से किया जाता है।
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