Sharp Attack : ‘तेलंगाना के पिता’ कहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं – कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी

Read Time:  1 min
वेंकट रेड्डी
वेंकट रेड्डी
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। सड़क एवं निर्माण और सिनेमैटोग्राफी मंत्री कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी (Komati Reddy Venkat Reddy) ने बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (KCR) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि केसीआर का ‘तेलंगाना के पिता’ के रूप में खुद को प्रस्तुत करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की स्थापना 1,100 से अधिक शहीदों के बलिदान से संभव हुई। मंत्री ने मेडचल निर्वाचन क्षेत्र के मूडु चिंतलपल्ली और अलीआबाद में कहा कि तेलंगाना आंदोलन समाज के सभी वर्गों का सामूहिक संघर्ष था, जिसमें जाति और धर्म की कोई बाधा नहीं थी।

ये शहीद तेलंगाना के असली निर्माता थे

उन्होंने नालगोंडा के श्रीकांताचारी, जिन्होंने आंदोलन के दौरान आत्मदाह किया और कांस्टेबल किश्तैया, जिन्होंने आत्महत्या की, जैसे शहीदों के सर्वोच्च बलिदानों को याद किया और कहा कि ये शहीद तेलंगाना के असली निर्माता थे। उनके बलिदानों की अनदेखी कर केवल स्वयं को श्रेय देना इतिहास के साथ अन्याय है। मंत्री ने कहा कि सोनिया गांधी, जो तेलंगाना के युवाओं के बलिदानों से प्रभावित हुईं, ने राज्य निर्माण का ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जबकि तेलंगाना का निर्माण बलिदान पर आधारित था, पूर्व मुख्यमंत्री का परिवार सत्ता में आने के बाद भारी संपत्ति अर्जित करने में सफल रहा।

तेलंगाना के जनक कौन थे?

आम तौर पर तेलंगाना के जनक के रूप में के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) को माना जाता है। उन्होंने लंबे समय तक तेलंगाना राज्य आंदोलन का नेतृत्व किया और अलग राज्य की मांग को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया। उनके राजनीतिक संघर्ष और रणनीति के कारण 2014 में तेलंगाना अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।

तेलंगाना राज्य के संस्थापक कौन थे?

ऐतिहासिक रूप से तेलंगाना राज्य के संस्थापक के रूप में के. चंद्रशेखर राव को ही माना जाता है, क्योंकि वही अलग तेलंगाना आंदोलन के प्रमुख नेता और राज्य गठन के बाद पहले मुख्यमंत्री बने। हालांकि आंदोलन की वैचारिक नींव रखने में प्रोफेसर जयशंकर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्हें तेलंगाना विचारधारा का प्रणेता कहा जाता है।

तेलंगाना का प्रस्ताव किसने दिया था?

राजनीतिक रूप से तेलंगाना राज्य का प्रस्ताव के. चंद्रशेखर राव ने रखा था। उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के माध्यम से अलग राज्य की मांग को संगठित आंदोलन का रूप दिया। उनकी पहल पर यह मुद्दा संसद और केंद्र सरकार तक पहुँचा, जिसके परिणामस्वरूप तेलंगाना राज्य का गठन संभव हो सका।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।