New Delhi। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कतर में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। (Qatar) स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार 500 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित भारत पहुंचाया जा चुका है। दूतावास ने साथ ही कतर में मौजूद अन्य भारतीयों को किसी भी अज्ञात वस्तु, मलबे या विस्फोटक जैसे संदिग्ध टुकड़ों के पास न जाने की सलाह भी दी है।
कतर एयरवेज की दो और उड़ानें संचालित
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच (Qatar Airways) भारत के लिए दो और विशेष उड़ानें संचालित कर रहा है। दूतावास के अनुसार 11 मार्च को कतर एयरवेज की उड़ानों के जरिए 500 से ज्यादा भारतीयों को नई दिल्ली और देश के अन्य शहरों के लिए रवाना किया गया।
दुबई में फंसे ओडिशा के पर्यटक भी लौटे
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संघर्ष के कारण उड़ानें रद्द होने से Dubai में फंसे Odisha के 35 पर्यटक भी सुरक्षित वापस लौट आए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार इनमें से नौ पर्यटक 7 मार्च को Kochi के रास्ते (Bhubaneswar) पहुंचे, जबकि बाकी पर्यटक 8 मार्च को Mumbai होते हुए विशेष उड़ान से भुवनेश्वर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi ने क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मुख्य सचिव Anu Garg को स्थिति पर लगातार नजर रखने और पश्चिम एशिया में फंसे ओडिशा के लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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विधानसभा में भी उठा मुद्दा
इस बीच विपक्षी दलों ने ओडिशा विधानसभा में खाड़ी देशों में फंसे राज्य के लोगों को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। रिपोर्ट के अनुसार मुख्य सचेतक Pramila Mallik और Pratap Keshari Deb द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हुई। बीजू जनता दल के विधायक Arun Kumar Sahoo ने सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकार के पास युद्ध के बीच फंसे ओडिया लोगों को वापस लाने की कोई स्पष्ट योजना है। वहीं विधायक Dhruva Charan Sahoo ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे लोगों के परिवार गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। विपक्षी विधायकों का दावा है कि हवाई सेवाएं प्रभावित होने के कारण खाड़ी देशों में तीन से चार लाख ओडिया लोग फंसे हो सकते हैं, जिनमें अधिकतर Kendrapara district, Ganjam district और Puri district से हैं। विपक्ष ने सुझाव दिया कि ओडिशा विधानसभा को पश्चिम एशिया में शांति की अपील करते हुए एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए।
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