पटना । श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व को लेकर पटना (Patna) पूरी तरह तैयार है। इस अवसर पर देश-विदेश से आने वाले लाखों सिख श्रद्धालुओं के स्वागत और सुविधाओं को लेकर बिहार सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं। पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद (Tourism Minister Arun Shankar Prasad) ने सोमवार को पर्यटन विभाग कार्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बैठक के दौरान श्रद्धालुओं के ठहराव, आवास, परिवहन, सूचना केंद्र और पर्यटकीय सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रकाश पर्व के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
टेंट सिटी और सूचना केंद्र से होगी सुविधा
बैठक में पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि विभाग की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त टेंट सिटी का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर पर्यटक सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि संगतों को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने बताया कि प्रकाश पर्व के अवसर पर दुनिया भर से बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु पटना साहिब पहुंचते हैं।
कंगन घाट पर तैयारियों का लिया जायजा
समीक्षा बैठक के बाद पर्यटन मंत्री ने पटना साहिब (Patna Sahib) स्थित कंगन घाट का दौरा किया और वहां निर्माणाधीन टेंट सिटी का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए ठहराव, खानपान, पेयजल, चिकित्सा, यातायात और सूचना केंद्र सहित सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
श्रद्धालुओं को मिलेगा सुरक्षित और आरामदायक अनुभव
निरीक्षण के दौरान पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि प्रकाश पर्व पर पटना साहिब आने वाली सिख संगतों का स्वागत करना राज्य के लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा, “बिहार सरकार का उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु यहां की आतिथ्य परंपरा, स्वच्छता और सेवा भावना का सकारात्मक अनुभव लेकर लौटे। यह आयोजन बिहार की सांस्कृतिक प्रतिष्ठा और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देगा।”
Read More :