आसमान छूते सोने-चांदी के दाम
नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में सोने(Gold) और चांदी की कीमतों ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 14 जनवरी 2026 को चांदी ₹2.77 लाख प्रति किलो के स्तर को पार कर गई है, जबकि सोना ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई(All Time High) पर पहुंच गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि चांदी की कीमत में महज तीन दिनों के भीतर ₹34,000 से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है। यह तेजी न केवल निवेशकों को हैरान कर रही है, बल्कि घरेलू बाजार(Domestic Market) में आभूषणों की मांग और कीमतों के समीकरण को भी पूरी तरह बदल रही है।
कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे के मुख्य कारण
सोने और चांदी की इन कीमतों में आग लगने के पीछे कई वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव (जैसे रूस-यूक्रेन युद्ध) ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने(Gold) की ओर धकेला है। चांदी के मामले में औद्योगिक मांग, विशेषकर सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स में इसके बढ़ते उपयोग ने इसे केवल एक आभूषण से बदलकर एक अनिवार्य औद्योगिक कच्चे माल के रूप में स्थापित कर दिया है। इसके अलावा, केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही सोने की खरीदारी ने भी कीमतों को सहारा दिया है।
शुद्धता की पहचान और निवेश की समझ
बढ़ती कीमतों के बीच असली और नकली धातु की पहचान करना बेहद जरूरी हो गया है। असली चांदी की पहचान के लिए ‘आइस टेस्ट’ और ‘मैग्नेट टेस्ट’ जैसे सरल तरीके अपनाए जा सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि IBJA द्वारा जारी किए गए रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते हैं, इसलिए अलग-अलग शहरों और शोरूम्स(Gold) में अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है। साल 2025 में चांदी ने 167% और सोने ने 75% का जबरदस्त रिटर्न दिया है, जो इसे वर्तमान समय का सबसे आकर्षक निवेश विकल्प बनाता है।
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अलग-अलग शहरों में सोने और चांदी के रेट अलग-अलग क्यों होते हैं?
सोने और चांदी के रेट अलग होने का मुख्य कारण स्थानीय कर (जैसे चुंगी), परिवहन लागत और ज्वेलर्स(Gold) का अपना मार्जिन होता है। इसके अलावा, इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी रेट में 3% GST और आभूषण बनाने का खर्च शामिल नहीं होता है। हर शहर का सराफा संघ अपने हिसाब से भी मामूली बदलाव करता है, जिससे कीमतों में अंतर आता है।
चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी क्यों आ रही है?
चांदी की कीमतों में अधिक तेजी का कारण इसकी दोहरी भूमिका है। सोना मुख्य रूप से निवेश और गहनों के लिए उपयोग होता है, लेकिन चांदी एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी का भारी उपयोग हो रहा है। ग्लोबल सप्लाई कम होने और कंपनियों द्वारा भविष्य के लिए भारी स्टॉक जमा करने की होड़ (जैसे ट्रंप टैरिफ का डर) के कारण चांदी के दाम सोने की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बढ़े हैं।
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