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Breaking News: Gold: सोना और चांदी के दाम में भारी गिरावट

Dhanarekha
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Breaking News: Gold: सोना और चांदी के दाम में भारी गिरावट

मुख्य कारण और निवेश पर असर

नई दिल्ली: सोने-चांदी की कीमतों में आज, 28 अक्टूबर को बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सोने(Gold) की कीमत 1,913 रुपये घटकर 1,19,164 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि चांदी 1,631 रुपये सस्ती होकर 1,43,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। यह गिरावट पिछले 8 दिनों में आई एक बड़ी बिकवाली का हिस्सा है, जिसके तहत सोने की कीमत अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से 10,420 रुपये कम हुई है और चांदी 25,830 रुपये सस्ती हुई है। IBJA के ये रेट्स 3%, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन(Jewellers Margin) को छोड़कर हैं, और इनका इस्तेमाल रबी द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने में होता है

गिरावट के 3 मुख्य कारण

सोने-चांदी की कीमतों में आई इस तेज गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं। पहला, भारत में सीजनल खरीदारी का खत्म होना। दीवाली जैसे बड़े त्योहारों के बाद सोने-चांदी की मांग में कमी आई है। दूसरा, ग्लोबल टेंशन में कमी। सोना-चांदी(Gold) को ‘सेफ-हेवन’ माना जाता है, और अंतर्राष्ट्रीय तनाव कम होने से निवेशक अब इन्हें बेचकर अधिक जोखिम वाली संपत्तियों में पैसा लगा रहे हैं। तीसरा कारण प्रॉफिट-टेकिंग और ओवरबॉट सिग्नल है। कीमतों में तेज उछाल के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुक) शुरू कर दी, क्योंकि टेक्निकल इंडिकेटर्स ने संकेत दिया था कि कीमतें ओवरबॉट जोन में पहुँच चुकी हैं।

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साल 2024 का रुझान और जरूरी सलाह

इस साल की शुरुआत से सोने-चांदी ने शानदार रिटर्न दिया है। 31दिसंबर 2024 से अब तक सोना(Gold) 43,002 रुपये और चांदी 57,383 रुपये महंगी हो चुकी है। यह दर्शाता है कि यह गिरावट एक लंबी अवधि के तेजी के रुझान में एक अल्पकालिक करेक्शन (सुधार) हो सकती है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि सोना खरीदते समय दो बातों का ध्यान रखें: हमेशा बिस हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें, और खरीदने से पहले 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से सोने का सही वजन और कीमत विभिन्न विश्वसनीय सोर्सेज जैसे (IBJA की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।

‘सेफ-हेवन’ एसेट क्या होती है और इसे कब खरीदा जाता है?

‘सेफ-हेवन’ एसेट वह निवेश है जिसकी कीमत आर्थिक या राजनीतिक संकट के दौरान स्थिर रहने या बढ़ने की उम्मीद होती है। सोना और चांदी को पारंपरिक रूप से सेफ-हेवन माना जाता है। जब वैश्विक तनाव, युद्ध का खतरा, या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक स्टॉक और करेंसी जैसी जोखिम भरी संपत्तियों से पैसा निकालकर इन्हें खरीदते हैं, जिससे इनकी मांग और कीमत बढ़ जाती है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए IBJA के रेट्स का इस्तेमाल क्यों करता है?

RBI सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के रेट तय करने के लिए IBJA की कीमतों का उपयोग करता है क्योंकि ये दरें शुद्ध सोने का बेस प्राइस दर्शाती हैं, जिसमें GST, ज्वेलर्स का मुनाफा और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होता। SGB एक सरकारी योजना है जो निवेशकों को सोने की शुद्धता की गारंटी देते हुए, बाजार की कीमतों पर डिजिटल रूप से निवेश करने का मौका देती है। IBJA की दरें पूरे देश में सोने की कीमत का एक मानकीकृत और विश्वसनीय बेंचमार्क प्रदान करती हैं।

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