Ebola: कांगो में इबोला से बढ़ा खतरा

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मौतों से दहशत, स्वास्थ्यकर्मी भी शिकार

ब्राजाविल: मध्य अफ्रीकी देश कांगो(Congo) में इबोला(Ebola) वायरस ने एक बार फिर खतरनाक रूप ले लिया है। अब तक 28 संदिग्ध मामलों में से 15 लोगों की मौत हो चुकी है। यह 16वीं बार है जब कांगो इस महामारी से जूझ रहा है। इबोला से मौत की दर करीब 53 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो स्थिति की भयावहता को दर्शाती है। मरने वालों में चार स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं, जिससे चिकित्सा सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है

नए मामले और गंभीर हालात

स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल रोजर काम्बा ने बताया कि सबसे अधिक मौतें बौलापे(Bolape) में दर्ज हुई हैं, जहां 14 मरीजों ने दम तोड़ा है। इसके अलावा म्वेका में एक व्यक्ति की जान गई है। मौतों की लगातार बढ़ती संख्या ने कांगो के कई हिस्सों में दहशत फैला दी है। डॉक्टरों और मेडिकलकर्मियों के बीच भी संक्रमण का भय गहरा गया है।

संक्रमित लोगों में तेज बुखार, उल्टी, दस्त और रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) ने बताया कि उसने अपने विशेषज्ञों को स्थानीय टीमों के साथ मिलकर कासाई प्रांत में भेजा है। कासाई इस समय इबोला से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है और वहां स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।

WHO की चेतावनी और कदम

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि इबोला(Ebola) वायरस अत्यधिक संक्रामक है और यह उल्टी या खून जैसे शारीरिक तरल पदार्थों के जरिए तेजी से फैलता है। WHO ने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, मोबाइल प्रयोगशाला और आवश्यक चिकित्सा सामग्री कांगो भेजी है। संगठन ने यह भी पुष्टि की है कि देश में एर्वेबो वैक्सीन का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

अफ्रीका के लिए WHO के क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर मोहम्मद जनाबी ने कहा कि इबोला दुर्लभ बीमारी है, लेकिन जब यह फैलती है तो जानलेवा साबित होती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता वायरस के प्रसार को रोकना और अधिक मौतों से बचना है। इसलिए सभी स्तर पर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

इबोला वायरस का संक्रमण कितनी तेजी से फैलता है?

इबोला(Ebola) वायरस बेहद संक्रामक होता है और शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से तेजी से फैलता है। यही कारण है कि संक्रमित मरीजों की देखभाल कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर इसका सबसे अधिक खतरा होता है।

क्या इबोला के खिलाफ वैक्सीन उपलब्ध है?

कांगो में एर्वेबो वैक्सीन का भंडार मौजूद है, जिसे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही WHO संक्रमित क्षेत्रों में रोकथाम और इलाज के लिए अपनी विशेषज्ञ टीमों को लगातार तैनात कर रहा है।

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Dhanarekha

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