कैसे फ्री में कर सकते हैं यूरोप में पढ़ाई

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रहने के लिए मिलेगा पैसा, फीस भी होगी माफ…

हायर एजुकेशन हासिल करना दिन-ब-दिन महंगा होता जा रहा है, जिस वजह से छात्रों के लिए स्कॉलरशिप हासिल करना जरूरी हो चुका है। विदेश में हायर एजुकेशन हासिल करना तो और भी ज्यादा खर्चीला है, क्योंकि यहां ट्यूशन फीस काफी ज्यादा होती है। लेकिन कुछ देशों में किफायती शिक्षा मिलती है।

भारतीय छात्रों के बीच विदेश में हायर एजुकेशन हासिल करने की होड़ मची हुई है। हर साल लाखों छात्र विदेश का रुख कर रहे हैं। कोई अमेरिका पढ़ने जा रहा है, तो कोई ऑस्ट्रेलिया-कनाडा और ब्रिटेन। बहुत से छात्र यूरोप में भी पढ़ने जा रहे हैं। आमतौर पर विदेश में पढ़ने का सपना उन्हें छात्रों का पूरा हो पाता है, जिनके पास अच्छा खासा बैंक बैलेंस है, क्योंकि विदेशी यूनिवर्सिटीज में ट्यूशन फीस लाखों रुपये में होती है। ऊपर से रहने-खाने का खर्च भी काफी ज्यादा होता है।

हालांकि, अच्छी बात ये है कि बहुत सी यूनिवर्सिटीज और संस्थान छात्रों को अपने यहां पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप देते हैं। यूरोप में पढ़ने के लिए भी स्कॉलरशिप मिलती है, जिसका फायदा उठाकर भारतीय यहां से डिग्री हासिल कर सकते हैं। यूरोप में पढ़ने के लिए सबसे पॉपुलर स्कॉलरशिप ‘इरास्मस मुंडस’ है, जिसके जरिए छात्रों की ना सिर्फ ट्यूशन फीस कवर होती है, बल्कि उनके रहने-खाने का खर्च भी पूरा होता है। साथ ही साथ उन्हें हर महीने स्टाइपेंड भी मिलता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या है इरास्मस मुंडस स्कॉलरशिप?

इरास्मस मुंडस स्कॉलरशिप यूरोप में पढ़ने के लिए मिलती है, जिसकी फंडिंग यूरोपियन यूनियन करता है। ये स्कॉलरशिप मास्टर्स की पढ़ाई करने वाले छात्रों को दी जाती है। इसके जरिए यूरोप की आठ सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटीज विकासशील देशों के टॉप छात्रों को अपने यहां पढ़ने का मौका देती हैं। सालाना लगभग 100 स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप दी जाती है। इस स्कॉलरशिप को पाने वाले छात्रों को यूरोप के कम से कम दो देशों में रहने और दुनिया की तीन यूनिवर्सिटीज में पढ़ने का मौका मिलता है।

digital@vaartha.com

लेखक परिचय

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