तेहरान। ईरान में हुई हिंसा के बाद 16 और 17 जनवरी को किसी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं हुए। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने पहली बार माना कि पिछले 28 दिसंबर से जारी प्रदर्शनों में हजारों लोग मारे गए।
हजारों मौतों के लिए अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार
इन मौतों के लिए उन्होंने अमेरिका (America) को जिम्मेदार ठहराया है। खामेनेई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हाथ खून से रंगे हैं।
खामेनेई के आरोपों पर ट्रम्प का पलटवार
खामेनेई के आरोपों का जवाब देते हुए ट्रम्प ने कहा कि ईरान सरकार (Iran Government) अब चंद दिनों की मेहमान है। वहां नए नेतृत्व की तलाश करने का समय आ गया है। ट्रम्प ने कहा कि तेहरान के शासक दमन और हिंसा के सहारे शासन चला रहे हैं।
महंगाई और गिरती मुद्रा से भड़का था जनआक्रोश
ईरान में वहां की करेंसी रियाल के ऐतिहासिक रूप से नीचे गिरने और महंगाई के विरोध में 28 दिसंबर 2025 में प्रदर्शन शुरू हुए थे। देश के सभी 31 प्रांतों में हिंसा फैल गई थी। इसमें 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर अमेरिका की चेतावनी
इसके बाद ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रही तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
सरकार का दावा: प्रदर्शनकारियों में शामिल थे हथियारबंद लोग
ईरान सरकार ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कुछ हथियारबंद लोग आम प्रदर्शनकारियों के साथ नजर आ रहे हैं। ईरान के धर्मगुरु और गार्जियन काउंसिल के सदस्य आयतुल्ला अहमद खातमी ने उन्हें अमेरिका और इजराइल का एजेंट बताया।
प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की मांग
अहमद खातमी ने चेतावनी दी कि अमेरिका और इजराइल को शांति की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को तुरंत फांसी देने की मांग की है।
रजा पहलवी बने विरोध की प्रमुख आवाज
ईरान के स्वनिर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी इन प्रदर्शनों के दौरान एक प्रमुख विपक्षी आवाज बनकर उभरे हैं। उन्होंने फिर सरकार को गिराने की अपील की।
ट्रम्प से हस्तक्षेप की अपील
रजा पहलवी ने ट्रम्प से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति अपने वादे पर कायम रहेंगे। चाहे कोई कार्रवाई हो या नहीं, ईरानी लोगों के पास संघर्ष जारी रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
फांसी पर अमेरिका की सख्त चेतावनी
ट्रम्प ने इससे पहले कहा था कि अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों को फांसी देती है, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। अमेरिका बहुत कड़ी कार्रवाई करेगा, जिसमें सैन्य विकल्प भी शामिल हो सकता है।
व्हाइट हाउस का दावा: 800 फांसी रोकी गईं
15 जनवरी को ट्रम्प ने बताया कि हत्याएं अब कम हो रही हैं। व्हाइट हाउस ने भी पुष्टि की कि ट्रम्प के दबाव के बाद ईरान ने 800 लोगों की फांसी रोक दी है।
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संयुक्त राष्ट्र की चिंता
संयुक्त राष्ट्र की सहायक महासचिव मार्था पोबी ने परिषद को बताया कि ये प्रदर्शन तेजी से फैले और इसमें भारी जान-माल का नुकसान हुआ है।
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