आग का तांडव, 10 की मौत और 59 घायल
सियोल: दक्षिण कोरिया(South Korea) के डेजॉन शहर में स्थित एक ऑटो पार्ट्स(Auto Parts) बनाने वाली फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर को एक भीषण विस्फोट हुआ, जिसके बाद पूरी इमारत आग की लपटों में घिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जान बचाने की जद्दोजहद में कई लोग जलती हुई इमारत की खिड़कियों से नीचे कूद गए। शनिवार सुबह तक बचाव कर्मियों ने मलबे से 10 शव बरामद किए हैं, जबकि 4 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन: रोबोटिक फायरफाइटिंग का इस्तेमाल
आग की भयावहता को देखते हुए 500 से अधिक दमकलकर्मियों और आपातकालीन कर्मियों को तैनात किया गया। फैक्ट्री के भीतर अत्यधिक गर्मी(Extreme Heat) और इमारत के ढहने के खतरे के कारण शुरुआती घंटों में बचाव दल अंदर प्रवेश नहीं कर सका। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फायरफाइटिंग(South Korea) रोबोट्स का उपयोग किया गया ताकि इमारत को ठंडा किया जा सके और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू हो सके। गृह मंत्रालय के अनुसार, कुल 59 घायलों में से 25 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
अन्य पढ़े: सऊदी हमले में यूपी के रवि की मौत
जांच का विषय: फैक्ट्री में मिला खतरनाक रसायन
शुरुआती जांच में दमकल विभाग को फैक्ट्री परिसर के अंदर से 100 किलोग्राम से अधिक अत्यधिक क्रियाशील(South Korea) रसायन बरामद हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इसी रसायन के संपर्क में आने या शॉर्ट सर्किट के कारण हुए धमाके ने आग को बेकाबू कर दिया। स्थानीय अधिकारियों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और फोरेंसिक टीमें आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। दक्षिण कोरियाई सरकार ने इस औद्योगिक हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
दक्षिण कोरिया के किस शहर में यह फैक्ट्री हादसा हुआ और बचाव कार्य में किन आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया गया?
यह हादसा दक्षिण कोरिया के डेजॉन (Daejeon) शहर में हुआ। आग इतनी भीषण थी कि बचाव कर्मियों ने सुरक्षित प्रवेश के लिए और इमारत को ठंडा करने के लिए फायरफाइटिंग रोबोट्स की मदद ली।
हादसे के समय प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या देखा और वहां से क्या संदिग्ध वस्तु बरामद हुई?
प्रत्यक्षदर्शियों ने एक जोरदार धमाका सुना और लोगों को जान बचाने के लिए ऊंची इमारत से कूदते हुए देखा। जांच के दौरान दमकल विभाग को मौके से 100 किलो से अधिक अत्यधिक क्रियाशील रसायन मिला है, जिसे हादसे की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
अन्य पढ़े: