USA- होर्मुज स्ट्रेट मुद्दे पर ट्रंप को फौरी समर्थन नहीं, अब क्या कदम उठाएंगे ?

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वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच (Donald Trump) की होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की योजना को फिलहाल अपेक्षित अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं मिल पाया है। अमेरिका ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए युद्धपोत तैनात करने और अन्य देशों से भी इसमें शामिल होने की अपील की थी, लेकिन प्रमुख वैश्विक शक्तियों ने तुरंत सैन्य सहयोग से दूरी बना ली है। ऐसे में इस अहम जलमार्ग के मुद्दे पर अमेरिका फिलहाल कूटनीतिक तौर पर अकेला पड़ता दिखाई दे रहा है।

चीन ने दी संयम बरतने की सलाह

इस मामले में China ने सीधे सैन्य सहयोग से दूरी बनाते हुए संयम बरतने की सलाह दी है। (Washington, D.C.) स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि चीन किसी भी प्रकार की दुश्मनी को तुरंत रोकने का समर्थन करता है और सभी पक्षों की जिम्मेदारी है कि वे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर और निर्बाध बनाए रखें। उन्होंने कहा कि चीन मध्य पूर्व के देशों का मित्र और रणनीतिक साझेदार होने के नाते क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति बहाल करने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है।

ब्रिटेन ने फिलहाल नहीं लिया कोई फैसला

उधर United Kingdom ने भी अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है। ब्रिटिश सरकार का कहना है कि वह सहयोगी देशों के साथ मिलकर शिपिंग सुरक्षा के विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है, लेकिन फिलहाल किसी ठोस कदम की घोषणा नहीं की गई है। इसके बावजूद ट्रंप अपने दावों में पीछे नहीं हट रहे हैं और उनका कहना है कि कई देश अमेरिका के साथ मिलकर इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में भाग लेंगे।

ट्रंप का दावा-कई देश देंगे साथ

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि कई देश अमेरिका के साथ मिलकर Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजेंगे। उन्होंने कहा कि वे देश खास तौर पर प्रभावित होंगे जिन्हें Iran द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने की कोशिशों से नुकसान उठाना पड़ सकता है। ट्रंप ने France, Japan, South Korea और ब्रिटेन जैसे देशों का नाम लेते हुए उम्मीद जताई कि ये सभी देश मिलकर इस जलमार्ग को सुरक्षित और खुला बनाए रखने में अमेरिका का साथ देंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है और मध्य पूर्व में उसकी आक्रामक योजनाएं सफल नहीं हो पाएंगी।

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जापान ने अपनाया सतर्क रुख

वहीं Japan ने भी तत्काल नौसैनिक दखल से दूरी बनाते हुए सावधानी वाला रुख अपनाया है। जापान की सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नीति प्रमुख Takayuki Kobayashi ने कहा कि मौजूदा हालात में युद्धपोत भेजने का फैसला आसान नहीं है और इसके सामने कई बड़ी बाधाएं हैं। कुल मिलाकर, ट्रंप की अपील के बावजूद प्रमुख वैश्विक शक्तियां फिलहाल सतर्क रुख अपना रही हैं और स्थिति के जोखिमों का आकलन करने के बाद ही आगे बढ़ने की रणनीति बना रही हैं। इससे अभी के हालात में होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर अमेरिका कूटनीतिक तौर पर कुछ हद तक अलग-थलग पड़ता नजर आ रहा है।

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Anuj Kumar

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