आंबेडकर जयंती विशेष
DR BR Ambedkar Jayanti : हर साल 14 अप्रैल को भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती मनाई जाती है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर भारत के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं।
वे एक प्रसिद्ध वकील, अर्थशास्त्री, राजनेता और समाज सुधारक थे।
असली नाम से जुड़ी जानकारी
आंबेडकर का मूल उपनाम “अंबाडवेकर” था। लेकिन उनके शिक्षक महादेव आंबेडकर ने स्कूल रिकॉर्ड में अपना उपनाम लिख दिया, जिसके बाद उनका नाम आंबेडकर पड़ गया।
उच्च शिक्षा और विद्वता
आंबेडकर ने 64 विषयों में गहरी जानकारी हासिल की थी और 9 भाषाओं का ज्ञान रखते थे। उन्होंने लगभग 21 साल तक विदेशों में पढ़ाई की।
विश्वस्तरीय शिक्षा
उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।
मजदूर अधिकारों के लिए योगदान
भारत में काम के घंटों को 14 घंटे से घटाकर 8 घंटे करने में आंबेडकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुस्तकों के प्रति प्रेम
आंबेडकर को पढ़ने का बेहद शौक था। उनके पास लगभग 50,000 पुस्तकों का विशाल निजी पुस्तकालय था।
महिलाओं के अधिकार
महिलाओं को संपत्ति और तलाक का अधिकार देने के लिए उन्होंने हिंदू कोड बिल पेश किया। हालांकि यह बिल पारित नहीं हो सका और इसके बाद उन्होंने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
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सामाजिक समानता के लिए संघर्ष
आंबेडकर ने अपने बचपन में जातीय भेदभाव का सामना (DR BR Ambedkar Jayanti) किया। इसी कारण उन्होंने जीवनभर अस्पृश्यता के खिलाफ संघर्ष किया और दलितों के अधिकारों के लिए काम किया।
बौद्ध धर्म अपनाया
1956 में आंबेडकर ने अपने लगभग 5 लाख अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया।
संविधान निर्माता
स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में अहम भूमिका निभाई और लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी।
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