National : एआई पर ज्यादा निर्भरता हो सकता है नुकसानदायक : श्रीधर वेम्बू

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नई दिल्ली । हाल ही में जोहो कॉर्पोरेशन के को-फाउंडर और चीफ साइंटिस्ट श्रीधर वेम्बू (Chief Scientist Sridhar Vembu) ने अपने विचार साझा किए। श्रीधर वेम्बू ने कहा कि एआई न केवल सीखने की प्रक्रिया को तेज करता है बल्कि काम को सरल बनाता है और प्रोडक्ट व सर्विस को बेहतर करने में मदद करता है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि एआई (AI) पर ज्यादा निर्भरता, उसका गलत इस्तेमाल या बिना निगरानी के अपनाना नुकसानदायक साबित हो सकता है। इससे प्रोडक्शन प्रभावित हो सकता है और नई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

एआई से सीधे कॉपी-पेस्ट करना प्रोफेशनली उचित नहीं है

उन्होंने स्पष्ट किया कि जोहो में प्रोग्रामरों को नई चीजें सीखने और समस्याओं को हल करने के लिए एआई का इस्तेमाल करने दिया जाता है, लेकिन बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय अब भी इंसानों के हाथ में ही हैं। वेम्बू का मानना है कि एआई से मिले जवाबों को सीधे कॉपी-पेस्ट करना प्रोफेशनली उचित नहीं है। उनका कहना है कि ऐसे जवाबों को पहले अन्य स्रोतों से जांचना और सत्यापित करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति एआई के उत्तरों को अपना बताकर पेश करता है, तो इससे भरोसा टूट सकता है।

वे खुद दिन में दो से तीन बार एआई चैट टूल्स का इस्तेमाल करते

उन्होंने बताया कि वे एक अलग तरीका अपनाते हैं, जिसमें कई एआई सिस्टम्स (Ai System) को एक-दूसरे के जवाबों पर बहस और रिव्यू करने के लिए कहा जाता है। इससे समझ में गहराई आती है और गलतियां पकड़ने में आसानी होती है। एआई को लेकर वेम्बू का स्पष्ट संदेश है कि यह तकनीक पूरी तरह से इंसानों की जगह नहीं ले सकती। इंसानी निगरानी और विवेक के साथ इसका इस्तेमाल जरूरी है। तभी इसके फायदे बिजनेस और दफ्तरों में प्रभावी रूप से मिल सकते हैं और जोखिम भी कम होगा। वेम्बू ने बताया कि वे खुद दिन में दो से तीन बार एआई चैट टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। उनके मोबाइल में टॉप पांच एआई ऐप्स इंस्टॉल हैं।

एआई ने वेब सर्च को करीब 80 प्रतिशत तक कम कर दिया है

उन्होंने कहा कि एआई ने उनके वेब सर्च को करीब 80 प्रतिशत तक कम कर दिया है, जिससे नई जानकारी सीखना तेज और आसान हो गया है। श्रीधर वेम्बू का मानना है कि एआई एक शक्तिशाली उपकरण है, लेकिन इसका उपयोग जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। बिना सोचे-समझे इसका सहारा लेना नुकसानदायक हो सकता है, जबकि सही तरीके से अपनाने पर यह कामकाज को अधिक कुशल और प्रभावी बना सकता है। बता दें कि आजकल हर क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

जानकारी खोजने से लेकर मेल लिखने और कंटेंट क्रिएशन तक, लोग सबसे पहले एआई का सहारा ले रहे हैं। लेकिन कई बार लोग एआई के जवाबों को बिना जांचे-परखे सीधे कॉपी-पेस्ट कर देते हैं, जोकि सही नहीं माना जाता

AI क्या है और कैसे काम करता है?

एआई कैसे काम करता है? एआई प्रणालियाँ उन्नत तकनीकों का उपयोग करके कच्चे डेटा – चाहे वह टेक्स्ट हो, चित्र हो, वीडियो हो या ऑडियो – को सार्थक अंतर्दृष्टि में बदल देती हैं। इस डेटा में पैटर्न और संबंधों की पहचान करके, एआई बड़े पैमाने पर बुद्धिमान निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।

एआई कंपनियां कितनी हैं?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियां जिनके बारे में आपको जानना चाहिए विभिन्न उद्योगों में परिवर्तन लाने के लिए काम कर रही कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनियों पर एक नजर डालें। गूगल और अमेज़न से लेकर एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट तक, हर प्रमुख तकनीकी कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता में सफलता के लिए संसाधन समर्पित कर रही है।

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Anuj Kumar

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Anuj Kumar

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