मुख्य बातें: –
- ट्विशा शर्मा केस में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
- पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द
- हाई कोर्ट ने जारी किया 17 पन्नों का आदेश
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा (Actress Twisha Sharma) की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। हाई कोर्ट ने मृतका की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को निचली अदालत से मिली अग्रिम जमानत (Advance Bail) रद्द कर दी है। वहीं, मामले के मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया है।
हाई कोर्ट ने सुनाया 17 पन्नों का आदेश
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के वेकेशन जज देवनारायण मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 17 पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए गिरिबाला सिंह को राहत नहीं दी जा सकती।इसी आधार पर हाई कोर्ट ने भोपाल की निचली अदालत द्वारा 15 मई 2026 को दी गई अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
पूर्व जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85, 3(5) और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
“आत्मसमर्पण करें गिरिबाला सिंह”
ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यदि गिरिबाला सिंह को न्याय व्यवस्था पर भरोसा है तो उन्हें तुरंत सीबीआई के सामने सरेंडर कर जांच में सहयोग करना चाहिए।
ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं ट्विशा
पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया था।
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CBI ने संभाली जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने मध्य प्रदेश पुलिस की एफआईआर को दोबारा दर्ज कर पति और सास को मुख्य आरोपी बनाया है। समर्थ सिंह की कस्टडी मिलने के बाद सीबीआई टीम भोपाल के कटारा हिल्स स्थित गिरिबाला सिंह के घर पहुंची और घटनास्थल से डिजिटल व भौतिक साक्ष्य जुटाए।
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