हैदराबाद। आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत विदेशी नागरिकों (Foreign nationals) से संबंधित जानकारी दर्ज करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में हैदराबाद पुलिस आयुक्तालय ने आम जनता और संबंधित संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। जारी निर्देशों के अनुसार, सभी होटल, हॉस्टल, गेस्ट हाउस, मकान मालिक या कोई भी ऐसा परिसर जहां विदेशी नागरिकों को ठहराया जाता है, तथा अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान जहां मरीजों और उनके परिजनों के लिए रात्रि विश्राम की सुविधा उपलब्ध है, उन्हें विदेशी नागरिकों का विवरण फॉर्म-III (पूर्व में फॉर्म-सी) में दर्ज कर निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण अधिकारी (Registration Officer) को 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराना होगा। साथ ही इस रिकॉर्ड को कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
पुलिस ने जारी की जनसलाह
इसी प्रकार, सभी शैक्षणिक संस्थानों—स्कूल, कॉलेज या अन्य संस्थान—जहां विदेशी नागरिकों को प्रवेश दिया जाता है, उन्हें फॉर्म-II (पूर्व में फॉर्म-ए) में विवरण भरकर 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण अधिकारी को भेजना होगा और इसका रिकॉर्ड भी न्यूनतम एक वर्ष तक सुरक्षित रखना होगा। पुलिस आयुक्तालय ने बताया कि शहर के विभिन्न जोनों के डीसीपी (लॉ एंड ऑर्डर) को निर्देश दिए गए हैं कि वे जागरूकता अभियान चलाकर होटल, हॉस्टल, गेस्ट हाउस, मकान मालिक, अस्पताल और अन्य संबंधित संस्थानों को फॉर्म-III जमा करने के नियमों के बारे में जागरूक करें।
फॉर्म-II जमा करने के प्रति बनाया जाए संवेदनशील
साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को फॉर्म-II जमा करने के प्रति संवेदनशील बनाया जाए। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित संस्थान—चाहे वे आवास, किराये/लीज पर कमरे या भवन उपलब्ध कराते हों या विदेशी नागरिकों को प्रवेश देते हों—उन्हें इस कानून का सख्ती से पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हैदराबाद पुलिस आयुक्त ने सभी से अपील की है कि वे आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 का पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।
14 विदेशी अधिनियम क्या है?
विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14 विदेशी नागरिकों द्वारा इस कानून या सरकार के आदेशों का उल्लंघन करने पर दंड से संबंधित है। यदि कोई विदेशी बिना वैध दस्तावेज भारत में रहता है, वीज़ा नियम तोड़ता है या सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। इस धारा के तहत जुर्माना, हिरासत या कारावास की सजा हो सकती है। इसका उद्देश्य भारत में विदेशियों के प्रवेश और निवास को नियंत्रित करना है।
भारत में कुल कितने ACT हैं?
भारत में कुल कितने अधिनियम (Acts) हैं, इसकी संख्या समय-समय पर बदलती रहती है क्योंकि नए कानून बनते हैं और पुराने कानून निरस्त होते रहते हैं। केंद्र स्तर पर सैकड़ों प्रमुख अधिनियम लागू हैं, जबकि राज्यों के अपने अलग कानून भी होते हैं। संविधान, दंड संहिता, श्रम कानून, कर कानून और नागरिक अधिकारों से जुड़े अनेक अधिनियम प्रचलित हैं। इसलिए एक निश्चित संख्या बताना आसान नहीं होता और यह लगातार बदलती रहती है।
विदेशी अधिनियम की धारा 3 क्या है?
विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 3 केंद्र सरकार को यह शक्ति देती है कि वह विदेशियों के भारत में प्रवेश, ठहरने, आवाजाही और देश छोड़ने पर नियम बना सके। सरकार किसी विदेशी के प्रवेश को रोक सकती है, रहने की शर्तें तय कर सकती है, पहचान संबंधी जानकारी मांग सकती है और आवश्यक होने पर हिरासत या निष्कासन का आदेश भी दे सकती है। यह प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
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