हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे के गुंतकल मंडल ने माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स (Logistics) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रेनिगुंटा और निश्चिंतपुर (अगरतला) (Agartala) के बीच पार्सल कार्गो एक्सप्रेस सेवा शुरू की है। इस सेवा की पहली ट्रेन 7 मई 2026 को रेणिगुंटा रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। हाल के वर्षों में रायलसीमा क्षेत्र, विशेषकर रेनिगुंटा और आसपास के इलाकों में कृषि उत्पादों की खेती बड़े पैमाने पर हो रही है। किसानों और व्यापारियों को बेहतर बाजार तथा उचित मूल्य उपलब्ध कराने के लिए कृषि उत्पादों को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाना आवश्यक हो गया है। सड़क मार्ग से परिवहन समय लेने वाला और महंगा साबित हो रहा था।
पार्सल कार्गो एक्सप्रेस सेवा शुरू करने की पहल
इसी को ध्यान में रखते हुए दक्षिण मध्य रेलवे के गुंतकल मंडल ने छह वर्ष के अनुबंध के आधार पर पार्सल कार्गो एक्सप्रेस सेवा शुरू करने की पहल की। पहली सेवा में सुपारी उत्पाद, ऑल आउट लिक्विड रिफिल, अगरबत्तियां, चॉकलेट तथा अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुओं का परिवहन किया गया। यह ट्रेन मुख्य रूप से फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) और कृषि उत्पादों को एक कुशल रेल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के माध्यम से दूरस्थ बाजारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। भविष्य में इस सेवा के जरिए मिर्च, एमआरएफ टायर, आईटीसी उत्पाद, कैडबरी उत्पाद, किम्बर्ली क्लार्क उत्पाद, एनरलाइफ तथा परफेट्टी उपभोक्ता वस्तुओं सहित कई प्रमुख औद्योगिक उत्पादों का परिवहन किए जाने की संभावना है।
कॉरिडोर में माल परिवहन की बड़ी संभावनाएं
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस कॉरिडोर में माल परिवहन की बड़ी संभावनाएं हैं और अनुबंध अवधि के दौरान मंडल को लगभग 54 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। इससे मंडल की माल परिवहन आय क्षमता और मजबूत होगी। यह विशेष कार्गो ट्रेन दक्षिण भारत को कोलकाता, सिलचर, गुवाहाटी और अगरतला जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ेगी तथा देशभर में पार्सल और कार्गो परिवहन के लिए तेज और किफायती सुविधा उपलब्ध कराएगी। दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने पार्सल कार्गो एक्सप्रेस सेवा के सफल शुभारंभ पर गुंतकल मंडल की टीम को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि यह सेवा माल परिवहन कारोबार को बढ़ावा देने और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन व्यापारियों और उद्योगों को विश्वसनीय तथा कम लागत वाली परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी और दक्षिण मध्य रेलवे क्षेत्र में रेल माल परिवहन की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ट्रेन में पार्सल कैसे बुक करें?
रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय में जाकर सामान बुक कराया जाता है। वहां भेजने वाले और प्राप्त करने वाले की जानकारी, सामान का वजन और गंतव्य स्टेशन दर्ज किया जाता है। इसके बाद शुल्क जमा करने पर पार्सल रसीद दी जाती है। कुछ स्टेशनों पर ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है। सामान को सही पैकिंग के साथ जमा करना जरूरी होता है।
ट्रेन पार्सल चार्ज प्रति किलो कितना है?
किराया दूरी, वजन और सामान के प्रकार पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर रेलवे पार्सल शुल्क लगभग 5 रुपये से 20 रुपये प्रति किलो या उससे अधिक हो सकता है। लंबी दूरी और भारी सामान के लिए दर अलग होती है। सही शुल्क की जानकारी रेलवे पार्सल कार्यालय या आधिकारिक किराया सूची से मिलती है।
पार्सल का रेट क्या है?
रेलवे पार्सल का रेट सामान के वजन, दूरी और श्रेणी के अनुसार तय किया जाता है। हल्के और कम दूरी वाले पार्सल का शुल्क कम होता है, जबकि भारी या लंबी दूरी के सामान पर अधिक शुल्क लगता है। अलग-अलग वस्तुओं के लिए नियम और दरें भी अलग हो सकती हैं, इसलिए बुकिंग के समय सटीक किराया बताया जाता है।
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