Telagana Budget : जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है यह बजट – भाजपा

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हैदराबाद । तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव (N. Ramchander Rao) ने वर्ष 2026-27 के कांग्रेस सरकार के बजट को ‘संख्यात्मक जादूगरी, विफल, झूठा और दिखावटी बजट’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास जनता के कल्याण या विकास के नाम पर दिखाने के लिए कोई ठोस उपलब्धि नहीं है। राज्य भाजपा (BJP‍) कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में राव ने विधानसभा में पेश बजट को बेहद निराशाजनक बताया। उन्होंने वित्त मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है मानो उन्होंने गलती से पिछले वर्ष का ही बजट भाषण पढ़ दिया हो, क्योंकि इस बार कोई बड़ा बदलाव या नई घोषणा नजर नहीं आई।

कुल बजट में शिक्षा की हिस्सेदारी मात्र 8 प्रतिशत : राव

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ढाई साल के शासन के बावजूद सरकार जनता को ठोस परिणाम देने में पूरी तरह विफल रही है। शिक्षा क्षेत्र को लेकर उन्होंने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार ने भले ही 1,000 करोड़ रुपए बढ़ाने का दावा किया हो, लेकिन कुल बजट में शिक्षा की हिस्सेदारी मात्र 8 प्रतिशत ही है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश (13%) और बिहार (21%) जैसे राज्य शिक्षा को कहीं अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र पर हमला बोलते हुए राव ने आरोप लगाया कि सरकार ‘आरोग्यश्री’ के बकाया भुगतान तक नहीं कर पाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि पेंशन और अन्य लाभों को इसी योजना से जोड़ने से यह योजना दिवालिया हो सकती है।

महिलाओं के लिए 2,500 की सहायता राशि का भी बजट में प्रावधान नहीं

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रीजनल रिंग रोड और उससे जुड़ी रेल परियोजना पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं। राव ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत – रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम–2025 लागू किया है, जो ‘विकसित भारत-2047′ के विजन के अनुरूप है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि अब सरकारी योजनाओं का पूरा पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ;रैतू भरोसा’ की पांच किस्तों के तहत प्रति एकड़ 45,000 रुपए से अधिक का बकाया नहीं चुकाया है। साथ ही बेरोजगारी भत्ता 4,000 और महिलाओं के लिए 2,500 की सहायता राशि का भी बजट में कोई प्रावधान नहीं होने को उन्होंने जनता के साथ विश्वासघात बताया।

मंदिरों के साथ भेदभाव का बड़ा आरोप

उन्होंने पूछा कि इस परियोजना की लागत दो दिन में 5,000 करोड़ से बढ़कर 7,000 करोड़ कैसे हो गई। राव ने मंदिरों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि पुजारियों के वेतन और धार्मिक अनुष्ठानों के बजट में वृद्धि नहीं की गई, जबकि अल्पसंख्यक बजट में 700 करोड़ की बढ़ोतरी की गई, जिसे उन्होंने ‘वोट बैंक की राजनीति’ बताया। अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है और गरीबों से पूरी तरह दूर है। भाजपा ने इस ‘विफल बजट’ की कड़ी निंदा की है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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