हैदराबाद। हैदराबाद में आयोजित कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक में तेलंगाना के डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा लाई गई एचआईएलटी (हैदराबाद इंडस्ट्रियल लैंड्स ट्रांसफॉर्मेशन) पॉलिसी को पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य शहर और राज्य दोनों का समग्र विकास करना है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर सचिवालय में हुई इस बैठक में समिति के चेयरमैन (Chairman) भट्टी विक्रमार्क के साथ मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी, श्रीधर बाबू और जूपल्ली कृष्णाराव (Jupalli Krishnarao) भी मौजूद रहे।
अपने सुझाव और विचार किए साझा
बैठक में इंडस्ट्रियल एस्टेट्स के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लेकर अपने सुझाव और विचार साझा किए। बैठक के दौरान डिप्टी सीएम ने कहा कि बढ़ते एयर पॉल्यूशन को देखते हुए प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को आउटर रिंग रोड (ORR) के बाहर स्थानांतरित करने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय सभी पक्षों की राय लेने के बाद ही किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार किसी को भी नुकसान पहुंचाने की मंशा से काम नहीं कर रही है। यूडीएल (अनडेवलप्ड लैंड) पॉलिसी के तहत भूमि विकास के लिए केंद्र, राज्य सरकार और औद्योगिक पार्क प्रतिनिधियों को मिलकर काम करने का सुझाव भी दिया गया।
विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित करने का रखा प्रस्ताव
इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने ओआरआर और रीजनल रिंग रोड (आरआरआर) के बीच विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सरकार ने सकारात्मक रूप से लिया है। डिप्टी सीएम ने कहा कि एचआईएलटी पॉलिसी के दिशा-निर्देश तैयार करने से पहले इंडस्ट्री प्रतिनिधियों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं मंत्री श्रीधर बाबू ने बताया कि नई औद्योगिक नीति में श्रमिकों के लिए डॉर्मिटरी सुविधाएं अनिवार्य की गई हैं। इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने भी एचआईएलटी पॉलिसी का स्वागत किया। चरलपल्ली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष डी. श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि यह नीति पारदर्शी है और इसमें किसी प्रकार का कैश ट्रांजैक्शन नहीं होगा, जिससे संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने सरकार से कन्वर्जन चार्ज में कमी और उद्योगों को स्थानांतरण के लिए पर्याप्त समय देने की मांग की।
बुनियादी सुविधाओं के लिए अतिरिक्त शुल्क न लेने की भी रखी गई मांग
इसके अलावा, उद्योगों को स्थानांतरित करते समय बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अतिरिक्त शुल्क न लेने की भी मांग रखी गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मई के पहले सप्ताह से संशोधित भूमि बाजार मूल्य लागू किए जाएंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि राजस्व बढ़ाने के लिए लिए गए फैसलों को सख्ती से लागू किया जाए, अन्यथा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में मुख्य सचिव रामकृष्ण राव, वित्त विभाग के प्रधान सचिव संदीप कुमार सुल्तानिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हैदराबाद किस लिए प्रसिद्ध है?
यह शहर अपनी ऐतिहासिक विरासत, स्वादिष्ट बिरयानी, मोतियों के व्यापार और आईटी उद्योग के लिए बहुत प्रसिद्ध है। यहां का Charminar विश्वभर में पहचान रखता है। साथ ही Golconda Fort, Hussain Sagar और फिल्म उद्योग भी इसे खास बनाते हैं। शिक्षा, व्यापार और आधुनिक तकनीक का बड़ा केंद्र होने के कारण इसे “सिटी ऑफ पर्ल्स” भी कहा जाता है।
तिलक वर्मा का जन्म हैदराबाद में कहां हुआ था?
भारतीय क्रिकेटर Tilak Varma का जन्म हैदराबाद, तेलंगाना में हुआ था। वे एक साधारण परिवार से आए और बचपन से ही क्रिकेट के प्रति समर्पित रहे। उनका पालन-पोषण शहर के स्थानीय माहौल में हुआ, जहां उन्होंने अपनी शुरुआती क्रिकेट ट्रेनिंग ली। मेहनत और प्रतिभा के बल पर उन्होंने घरेलू क्रिकेट से लेकर भारतीय टीम तक अपनी पहचान बनाई और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने।
हैदराबाद कपड़ों के लिए क्या प्रसिद्ध है?
यह शहर पारंपरिक और शाही परिधानों के लिए खास पहचान रखता है। यहां की हैदराबादी साड़ियां, खासकर पोचमपल्ली, गडवाल और बनारसी शैली से प्रेरित डिज़ाइन बहुत लोकप्रिय हैं। मोतियों और ज़री के काम वाले लहंगे, शेरवानी और कुर्ते भी काफी प्रसिद्ध हैं। Laad Bazaar और Sultan Bazaar जैसे बाजार पारंपरिक कपड़ों और शादी के परिधानों के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :