किरण मजूमदार शॉ ने भांजी क्लेयर को सौंपी कमान
नई दिल्ली: बायोफार्मास्युटिकल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बायोकॉन(Era at Biocon) की फाउंडर किरण मजूमदार शॉ ने अपनी भांजी, क्लेयर मजूमदार को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। 37 वर्षीय क्लेयर, जिनके पास एमआईटी और स्टैनफोर्ड जैसी संस्थाओं से उच्च शिक्षा और कैंसर बायोलॉजी में पीएचडी है, वर्तमान में ‘बिकारा थेरेप्यूटिक्स’ की सफल CEO हैं। किरण मजूमदार शॉ का मानना है कि क्लेयर की वैज्ञानिक पृष्ठभूमि और नेतृत्व क्षमता कंपनी को विकास के अगले चरण में ले जाने के लिए सर्वोत्तम है।
भविष्य का रोडमैप: एआई और आधुनिक बायोटेक पर ध्यान
बायोकॉन का भविष्य का विजन तकनीक और विशेषज्ञता के मेल पर आधारित है। कंपनी की आगामी विकास रणनीति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ओरिजिनल बायोलॉजिक ड्रग्स और बायोसिमिलर्स पर केंद्रित होगी। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक ‘फैमिली इकोसिस्टम’ तैयार किया गया है, जिसमें क्लेयर के साथ उनके भाई एरिक मजूमदार (AI एक्सपर्ट) और पति थॉमस रॉबर्ट्स (ऑन्कोलॉजिस्ट) की विशेषज्ञता का लाभ कंपनी को मिलेगा।
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संगठनात्मक पुनर्गठन: मर्जर और नई लीडरशिप
कंपनी अपने परिचालन को सरल बनाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव कर रही है, जिसमें जेनेरिक्स और बायोलॉजिक्स बिजनेस का मर्जर शामिल है। इसके साथ ही, समूह की अन्य कंपनियों में भी नई लीडरशिप की नियुक्ति की गई है। श्रीहास तांबे बायोकॉन बायोलॉजिक्स और सिद्धार्थ मित्तल सिनजीन इंटरनेशनल का नेतृत्व संभालेंगे। वर्तमान में बायोकॉन का अधिकांश राजस्व ‘बायोसिमिलर्स’ से आता है और कंपनी इस क्षेत्र में अपनी वैश्विक बढ़त बनाए रखने की योजना पर काम कर रही है।
बायोकॉन की उत्तराधिकारी क्लेयर मजूमदार की शैक्षणिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि क्या है?
क्लेयर मजूमदार ने एमआईटी और स्टैनफोर्ड से शिक्षा प्राप्त की है और कैंसर बायोलॉजी में पीएचडी की है। वे ‘बिकारा थेरेप्यूटिक्स’ की फाउंडर और CEO हैं, जो नैस्डैक पर लिस्टेड एक सफल कंपनी है।
बायोकॉन के व्यापारिक ढांचे में कौन से प्रमुख बदलाव किए गए हैं?
बायोकॉन ने अपने जेनेरिक्स और बायोलॉजिक्स व्यवसायों का विलय कर दिया है। इसके अलावा, कंपनी ने कर्ज कम करने और लीडरशिप को मजबूत करने के लिए समूह की विभिन्न इकाइयों में नए CEO नियुक्त किए हैं।
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