Fuel Prices: ईंधन की कीमतों में भारी उछाल

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आम जनता पर बढ़ा महंगाई का बोझ

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों(Fuel Prices) में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली(Delhi) में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹99.51 प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे बढ़कर ₹92.49 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में भी ₹1 प्रति किलो का इजाफा(Increase) हुआ है, जिससे अब यह ₹81.09 प्रति किलो मिलेगी। पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बड़ी बढ़ोतरी है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है

आम जनजीवन और खेती पर चौतरफा असर

ईंधन के दाम बढ़ने से आने वाले दिनों में अन्य जरूरी चीजों की कीमतें भी बढ़ना तय है। ट्रक और टेम्पो का मालभाड़ा बढ़ने के कारण दूसरे राज्यों से आने वाले फल, सब्जियां और राशन महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा, ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च बढ़ने से किसानों की खेती की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर अनाज की कीमतों पर पड़ेगा। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों का किराया बढ़ने से नौकरीपेशा लोगों और छात्रों की मासिक बजट बिगड़ जाएगा।

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वैश्विक तनाव और तेल कंपनियों का घाटा है मुख्य वजह

इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर से उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुके हैं। इस वजह से भारतीय सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का भारी नुकसान हो रहा था। कंपनियों ने इसी घाटे की भरपाई के लिए कीमतों में बढ़ोतरी का कदम उठाया है, और यदि वैश्विक हालात नहीं सुधरे तो कीमतें आगे और भी बढ़ सकती हैं।

अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग क्यों होती हैं?

तेल कंपनियाँ जब रिफाइनरी से तेल निकालती हैं, तो उस पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) लगाती है, जो पूरे देश में समान होती है। इसके बाद हर राज्य सरकार अपने हिसाब से वैट (VAT) या लोकल सेल्स टैक्स लगाती है। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग-अलग होती हैं, इसी वजह से दिल्ली, मुंबई, भोपाल और पटना जैसे शहरों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग हो जाती हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन के इस्तेमाल को लेकर क्या सुझाव दिया है?

पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात (जैसे युद्ध और तनाव) को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के एक कार्यक्रम में देशवासियों को पेट्रोल, डीजल और गैस का उपयोग बेहद संयम और जरूरत के अनुसार करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल देश की विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों को भी कम किया जा सकेगा।

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Dhanarekha

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