Hyderabad : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारी

Read Time:  1 min
विशेष गहन पुनरीक्षण
विशेष गहन पुनरीक्षण
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी (C. Sudarshan Reddy) ने जानकारी दी है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसका कार्यक्रम जल्द घोषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग को विधि के अनुसार मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन करने का अधिकार प्राप्त है। प्रत्येक चुनाव से पूर्व या आवश्यकता अनुसार मतदाता सूची (Voter List) का पुनरीक्षण किया जाता है, ताकि इसकी शुद्धता और विश्वसनीयता बनी रहे। वर्तमान में बार-बार हो रहे स्थान परिवर्तन के कारण कई मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हो गए हैं तथा मृत मतदाताओं के नाम सूची से नहीं हट पाए हैं।

किया जा रहा विशेष गहन पुनरीक्षण

इन कमियों को दूर करने के उद्देश्य से यह विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। राज्य में बूथ स्तर अधिकारियों तथा संबंधित पंजीकरण अधिकारियों द्वारा वर्तमान मतदाता सूची का मिलान वर्ष 2002 में हुए विशेष पुनरीक्षण के अभिलेखों से किया जा रहा है। मतदाताओं को अपने या अपने परिजनों के विवरण गणना प्रपत्र में दर्ज करने होंगे। मतदाता अपने विवरण मुख्य निर्वाचन अधिकारी, तेलंगाना की आधिकारिक वेबसाइट अथवा मतदाता सेवा पोर्टल पर उपलब्ध खोज सुविधा के माध्यम से देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त मतदान केंद्रवार मतदाता सूची भी उपलब्ध है, जिसमें नाम खोजा जा सकता है।

मतदाता का नाम वर्ष 2002 की सूची में नहीं मिलता

यदि किसी मतदाता का नाम वर्ष 2002 की सूची में नहीं मिलता है, तो वह अपने माता-पिता या दादा-दादी के विवरण प्राप्त कर संबंधित प्रपत्र में दर्ज कर सकता है। वर्ष 2002 की सूची की मुद्रित प्रति संबंधित बूथ स्तर अधिकारी के पास उपलब्ध है, जो इसमें सहायता करेंगे। गणना चरण के दौरान मतदाताओं से किसी भी दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी। हालांकि जिन मतदाताओं का मिलान वर्ष 2002 की सूची से नहीं हो पाएगा, उन्हें सूचना देकर अपनी पात्रता सिद्ध करने के लिए आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।

मतदाताओं से अपील

आयोग द्वारा सुझाए गए प्रमाणों में सरकारी कर्मचारी अथवा पेंशनभोगी पहचान पत्र, एक जुलाई 1987 से पूर्व जारी प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या आवास आवंटन प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने या अपने परिजनों के विवरण का सत्यापन कर उन्हें वर्ष 2002 के अभिलेखों से जोड़ें। इसके लिए अपने मतदान केंद्र के बूथ स्तर अधिकारी अथवा संबंधित पंजीकरण अधिकारी से संपर्क करें, ताकि पुनरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?

राज्य की कुल जनसंख्या में हिंदू समुदाय सबसे बड़ा हिस्सा रखता है। जनगणना के अनुसार लगभग 85 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म का पालन करते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह समुदाय व्यापक रूप से निवास करता है। बोनालु, बथुकम्मा, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहार बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं। सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक जीवन पर हिंदू परंपराओं का गहरा प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जाता है।

तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?

चावल आधारित भोजन यहां सबसे अधिक लोकप्रिय माना जाता है, जिसे दाल, सब्जी और मसालेदार करी के साथ खाया जाता है। ज्वार और बाजरा भी विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में काफी पसंद किए जाते हैं। हैदराबादी बिरयानी, सरवा पिंडी, सकिनालु और पच्ची पुलुसु जैसे व्यंजन बहुत प्रसिद्ध हैं। तीखा और मसालेदार स्वाद स्थानीय खानपान की खास पहचान है। पारंपरिक और आधुनिक स्वाद का सुंदर मेल यहां देखने को मिलता है।

तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?

ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र को “त्रिलिंग देश” या “तेलंग देश” भी कहा जाता है। मान्यता है कि यह नाम तीन प्रमुख शिवलिंग स्थलों—कालेश्वरम, श्रीशैलम और द्राक्षारामम—से जुड़ा है। समय के साथ यही नाम बदलकर तेलंगाना बना। कई लोग इसे दक्कन क्षेत्र का महत्वपूर्ण भाग भी मानते हैं। इसकी समृद्ध संस्कृति, भाषा और इतिहास ने इसे भारत के विशिष्ट राज्यों में विशेष पहचान दिलाई है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।