Ebola virus outbreak : अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस एक बार फिर तेजी से पैर पसार रहा है। वहां अब तक 118 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों संदिग्ध मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा इस पर निगरानी बढ़ाने के बाद भारत में भी इसे लेकर चर्चा और चिंता शुरू हो गई है। हालांकि, भारतीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि देश के नागरिकों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
क्या भारतीयों को चिंतित होना चाहिए?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और एम्स (AIIMS) बिलासपुर के अध्यक्ष डॉ. एन.के. अरोड़ा ने स्पष्ट किया है कि भारत में अब तक इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है और देश के लिए जोखिम बेहद कम है। इबोला, कोरोना की तरह हवा या पानी से फैलने वाला संक्रमण नहीं है। यह केवल संक्रमित व्यक्ति के रक्त, लार, पसीने या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों (Body Fluids) के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इसलिए आम जनता को डरने की जरूरत नहीं है।
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केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए 10 महत्वपूर्ण कदम:
- निरंतर निगरानी: नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) और ICMR जैसी शीर्ष संस्थाएं स्थिति की लगातार (Ebola virus outbreak) समीक्षा कर रही हैं।
- हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग: अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर प्रभावित अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की कड़ाई से जांच की जा रही है।
- विशेष प्रयोगशालाएं: पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) को इबोला परीक्षण के लिए मुख्य केंद्र बनाया गया है।
- आइसोलेशन वार्ड: हवाई अड्डों और प्रमुख शहरों के अस्पतालों में आपातकालीन क्वारंटाइन और आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है।
- एसओपी (SOP) तैयार: यदि वायरस देश में प्रवेश करता है, तो इलाज और नियंत्रण के लिए पहले से ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
- लक्षणों के प्रति सतर्कता: विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण के 2 से 21 दिनों के भीतर तेज बुखार, बदन दर्द, उल्टी और गंभीर स्थिति में शरीर के अंगों से रक्तस्राव (Bleeding) जैसे लक्षण दिखते हैं।
- वैक्सीन की उपलब्धता: इबोला के इलाज के लिए ‘Ervebo’ जैसी वैक्सीन और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी उपचार उपलब्ध हैं।
- अफवाहों पर रोक: सरकार ने जनता से सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी खबरों और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
- आधिकारिक जानकारी: नागरिकों से केवल स्वास्थ्य मंत्रालय या डब्ल्यूएचओ (WHO) द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन पर ही भरोसा करने को कहा गया है।
- यात्रियों के लिए सलाह: प्रभावित देशों की यात्रा करने वाले या वहां से लौटने वाले लोगों को ही विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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