Telangana : तेलंगाना पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर मंथन

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हैदराबाद। तेलंगाना राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक सोमवार को खैरताबाद (Khairatabad) स्थित आयोग कार्यालय में अध्यक्ष जी. निरंजन की अध्यक्षता में हुई। आयोग ने बैठक में विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। विशेष रूप से हाल ही में जारी सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति सर्वेक्षण 2024 की रिपोर्ट तथा स्वतंत्र विशेषज्ञों के कार्य समूह की रिपोर्ट पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इन विषयों का और गहराई से अध्ययन करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। समिति (Samiti) की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आयोग अपनी अनुशंसाएं सरकार को सौंपेगा।

सरकार से अनुरोध करने का लिया निर्णय

विशेषज्ञों की रिपोर्ट में गंगपुत्र, बेस्टा और गुंडला जातियों को संक्षिप्त रूप में ‘अग्निकुल क्षत्रिय’ नाम से संबोधित किए जाने पर संबंधित समुदायों ने आपत्ति दर्ज कराई है। इस पर चर्चा करते हुए आयोग ने पाया कि कुछ अन्य जातियों के मामले में भी संक्षिप्त नाम मूल जाति नामों से मेल नहीं खाते हैं। आयोग ने इस विषय में सुधार के लिए सरकार से अनुरोध करने का निर्णय लिया है। आयोग ने वर्ष 2025 में हुए ग्राम पंचायत चुनावों में निर्वाचित वार्ड सदस्यों और सरपंचों के विवरण के संकलन को लेकर पंचायती राज आयुक्त से चर्चा करने का भी निर्णय लिया। इसके अलावा, देशभर में चल रही जनगणना के अंतर्गत 26 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हुई स्व-गणना में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।

जातीय विवरण दर्ज कराने का आग्रह

आयोग ने दूसरे चरण में सभी से अपने जातीय विवरण दर्ज कराने का आग्रह किया है। साथ ही जातीय संगठनों और प्रतिनिधियों को भी अपने समुदाय की जनसंख्या के सही पंजीकरण के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई। राज्य में मौजूद 130 पिछड़ा वर्ग जातियों के समुचित पंजीकरण के संबंध में की जा रही कार्यवाही की जानकारी प्राप्त करने हेतु तेलंगाना जनगणना संचालन निदेशक को पत्र लिखने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में आयोग के सदस्य रापोलु जयप्रकाश, तिरुमलगिरि सुरेंद्र, श्रीमती बाललक्ष्मी रंगु तथा सदस्य सचिव श्रीमती बी. बाल माया देवी (आईएएस) उपस्थित रहीं। बैठक में उप निदेशक यू. श्रीनिवास राव, सहायक सचिव के. मनोहर राव, विशेष अधिकारी कुमारी एन. सुनीता, अनुभाग अधिकारी जी. सतीश कुमार और अनुसंधान अधिकारी जी. लक्ष्मीनारायण सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के वर्तमान अध्यक्ष 2026 में कौन हैं?

वर्ष 2026 में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की वर्तमान अध्यक्ष Sadhvi Niranjan Jyoti हैं। उन्होंने मार्च 2026 में पदभार ग्रहण किया। यह आयोग सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के अधिकारों, संरक्षण और कल्याण से संबंधित मामलों की निगरानी करता है। आयोग को संवैधानिक दर्जा प्राप्त है और यह अनुच्छेद 338B के अंतर्गत कार्य करता है।

अनुच्छेद 338, 338A और 338B क्या हैं?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 338 राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) से संबंधित है। अनुच्छेद 338A राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के लिए है। अनुच्छेद 338B राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) से जुड़ा है। ये आयोग संबंधित वर्गों के अधिकारों की रक्षा, शिकायतों की जांच, सामाजिक न्याय और सरकारी नीतियों की निगरानी का कार्य करते हैं। इनका उद्देश्य संवैधानिक सुरक्षा को मजबूत बनाना है।

भारत में प्रथम पिछड़ा वर्ग आयोग की स्थापना कब और किसने की थी?

पिछड़ा वर्ग आयोग की स्थापना वर्ष 1953 में की गई थी। इसे भारत के पहले राष्ट्रपति Rajendra Prasad ने संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत गठित किया था। इस आयोग के अध्यक्ष Kaka Kalelkar थे। इसका उद्देश्य सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की स्थिति का अध्ययन करना और उनके उत्थान के लिए सुझाव देना था।

भारत में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष कौन थे?

प्रथम पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष Kaka Kalelkar थे, इसलिए इसे काका कालेलकर आयोग भी कहा जाता है। इस आयोग का गठन 1953 में किया गया था। बाद में दूसरा प्रमुख पिछड़ा वर्ग आयोग B. P. Mandal की अध्यक्षता में बना, जिसे मंडल आयोग कहा गया। इन आयोगों ने आरक्षण और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण सिफारिशें दीं।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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