Hyderabad Metro Rail अब सरकार के नियंत्रण में, बड़ा फैसला
हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना में ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। तेलंगाना सरकार ने इस परियोजना को निजी कंपनी Larsen & Toubro (एल एंड टी) से पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए लगभग 15 हजार करोड़ रुपये में 100 प्रतिशत इक्विटी खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य 30 अप्रैल तक यह प्रक्रिया पूरी कर 1 मई से मेट्रो संचालन पूरी तरह अपने हाथ में लेना है।
वित्तीय व्यवस्था और प्रशासनिक बदलाव
इस अधिग्रहण के लिए Indian Railway Finance Corporation (आईआरएफसी) से 13,615 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है। आवश्यक दस्तावेजों और समझौतों पर हस्ताक्षर करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है।
परियोजना के सरकारी नियंत्रण में आने के बाद मेट्रो बोर्ड का पुनर्गठन भी किया गया है। मुख्य सचिव के रामकृष्ण राव को चेयरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि सरफराज अहमद को मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में जारी रखा गया है। अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी बोर्ड में शामिल किया गया है।
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भविष्य की योजना और सार्वजनिक परिवहन पर असर
अब मेट्रो रेल का संचालन, कर्मचारियों की नियुक्ति और भविष्य के विस्तार की योजनाएं सीधे सरकार की निगरानी में होंगी। इस फैसले का उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे हैदराबाद में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को भी गति मिलेगी।
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