DCM : स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में शामिल हुए भट्टी विक्रमार्क

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नई दिल्ली/हैदराबाद। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक ‘स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0’ में भाग लिया। बैठक का उद्घाटन केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने किया। बैठक का उद्देश्य देशभर में शहरी स्वच्छता, साफ-सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाना था। बैठक में शहरी स्वच्छता, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, पुराने डंप यार्डों के निस्तारण, वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं, पीपीपी मॉडल और नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के क्रियान्वयन (Implementation) पर विस्तृत चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों और शहरों ने अपने अनुभव और बेहतर कार्यप्रणालियां साझा कीं।

9,596 इलेक्ट्रिक स्वच्छ ऑटो टिपर्स शुरू करने की घोषणा

उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना सरकार ‘तेलंगाना विजन-2047’ के तहत सतत, समावेशी और पर्यावरण अनुकूल विकास की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य ‘क्योर, प्योर और रेयर’ विकास मॉडल के आधार पर शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के संतुलित विकास को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अब ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास से भी जुड़ा हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा लागू ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026’ देश की अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला रहे हैं।

9,596 इलेक्ट्रिक स्वच्छ ऑटो टिपर्स शुरू कर रही तेलंगाना सरकार

भट्टी विक्रमार्क ने बताया कि तेलंगाना सरकार कोर अर्बन क्षेत्रों में लगभग 9,596 इलेक्ट्रिक स्वच्छ ऑटो टिपर्स शुरू कर रही है। इन वाहनों में चार प्रकार के कचरे के पृथक्करण और क्यूआर कोड आधारित निगरानी की सुविधा होगी, जिससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण अधिक प्रभावी बनेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को प्राथमिकता दे रही है। गीले कचरे का निस्तारण स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है, जबकि सूखे कचरे को वैज्ञानिक तरीके से अलग कर रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी से जोड़ा जा रहा है। इससे लैंडफिल तक पहुंचने वाले कचरे की मात्रा कम होगी।

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आईआईटी बॉम्बे से तकनीकी सहयोग

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हैदराबाद के जवाहरनगर डंप यार्ड के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए आईआईटी बॉम्बे से तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। वहीं, ऑटोनगर डंप साइट पर करीब 22 लाख मीट्रिक टन कचरे का बायोमाइनिंग के माध्यम से निस्तारण किया जा रहा है, जिसमें लगभग 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि पुनः प्राप्त भूमि का उपयोग भविष्य में पार्क, खेल परिसर और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य डंप यार्डों को विकास केंद्रों में बदलना है।” भट्टी विक्रमार्क ने बताया कि ‘99-दिवसीय प्रजा पालना-प्रगति कार्ययोजना’ के तहत राज्यभर में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। इनमें कचरा संवेदनशील स्थलों को हटाना, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट का निस्तारण, ई-वेस्ट संग्रह अभियान और सार्वजनिक स्थलों की सफाई जैसे कार्य शामिल हैं।

जापान के किटाक्यूशु मॉडल से प्रेरित

उन्होंने जापान के किटाक्यूशु मॉडल से प्रेरित बंदारवीर्याला और सिद्धापुर में प्रस्तावित इको-टाउन परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह तेलंगाना की सर्कुलर इकोनॉमी यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री टोकन साहू, सचिव श्रीनिवास कटिकिथला, स्वच्छ भारत मिशन निदेशक रूपा मिश्रा, तेलंगाना नगर प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन, जीएचएमसी आयुक्त आर.वी. कर्णन सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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