Gold: ₹1.47 लाख के पार पहुंचा गोल्ड, चांदी में ₹8500 की रिकॉर्ड तेजी

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Gold rate 17/04/26
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बाजार में लौटी रौनक: सुरक्षित निवेश की ओर बढ़े निवेशक

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग ने निवेशकों को डरा दिया है। शेयर बाजार में अस्थिरता और बढ़ती मुद्रास्फीति(Inflation) के बीच निवेशकों ने एक बार फिर सोने(Gold) और चांदी को ‘सुरक्षित ठिकाना’ माना है। शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना ₹3348 महंगा होकर ₹1,47,482 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी में ₹8540 की भारी बढ़त देखी गई, जिससे इसकी कीमत ₹2,36,750 प्रति किलोग्राम तक जा पहुंची

अंतरराष्ट्रीय दबाव और विशेषज्ञों की राय

घरेलू बाजार में तेजी के बावजूद, वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने सोने पर दबाव बनाए रखा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना $4,657.50 प्रति औंस पर है, लेकिन यह अपनी सबसे खराब साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है। कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान तेजी केवल एक ‘रिलीफ बाउंस’ (अस्थायी उछाल) हो सकती है। मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषकों के अनुसार, ईरान और अमेरिका-इजराइल संघर्ष के चलते ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हुई है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

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ईटीएफ और डिजिटल एसेट्स: बिटकॉइन और गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में बढ़त

कीमती धातुओं के साथ-साथ गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ (ETF) में भी शुक्रवार को 4% तक की तेजी दर्ज की गई। 18 में से 7 सिल्वर ईटीएफ में बड़ी बढ़त देखी गई, जबकि 23 गोल्ड ईटीएफ भी हरे निशान पर बंद हुए। दिलचस्प बात यह है कि इस युद्धकालीन स्थिति में बिटकॉइन ने भी शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें पिछले 19 दिनों में 18% का उछाल आया है। विशेषज्ञों ने छोटे निवेशकों को सलाह दी है कि वे मौजूदा ऊंचे स्तरों पर सावधानी बरतें और बाजार में स्थिरता आने का इंतजार करें।

युद्ध जैसी स्थितियों में सोने-चांदी के दाम क्यों बढ़ते हैं?

जब भी युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव होता है, तो शेयर बाजार और करेंसी में जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे समय में निवेशक अपना पैसा सुरक्षित रखने के लिए सोना और चांदी खरीदते हैं क्योंकि इन्हें संकट के समय में सबसे विश्वसनीय संपत्ति माना जाता है। मांग बढ़ने से इनकी कीमतें बढ़ने लगती हैं।

विशेषज्ञों ने मौजूदा तेजी में निवेशकों को क्या सलाह दी है?

पृथ्वी फिनमार्ट के विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी बाजार में स्थिरता का संकेत नहीं है। उन्होंने ट्रेडर्स को सलाह दी है कि इस उछाल का उपयोग अपनी पुरानी पोजीशन से बाहर निकलने (प्रॉफिट बुकिंग) के लिए करें और नई खरीदारी के लिए बाजार के शांत होने का इंतजार करें।

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Dhanarekha

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